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Women in global politics?: Voices of Muslim women from last century (BBC Hindi)

 

Golden earrings: Voices of Muslim women from last century (BBC Hindi)

 

क्या कह रही थीं 'हम ख़वातीन'? बीबीसी रेडियो

ज़रा सोचिए क़रीब सौ साल पहले मुसलमान औरतें अपनी ज़बान, यानि उर्दू में, क्या लिखती थीं? क्या पढ़ती थीं? आज के दौर में जब मुसलमान औरतों का ज़िक्र बुर्का, तीन तलाक़, इस्लामी फ़तवों या युनीफ़ॉर्म सिविल कोड के संदर्भ में ही होता है, आपको हैरानी होगी कि बीसवीं सदी की शुरुआत में वो इसके इतर कितनी बातें कह रही थीं. हाल ही में एक नाटक हम ख़वातीन ने उस दौर के कुछ लेखों को चुनकर दिल्ली में प्रस्तुत किया और एक झलक दी बीसवीं सदी की शुरुआत में मुसलमान औरतों की ज़िंदगी की. क्या थे उस व़क्त इन औरतों के सरोकार और कितनी बेबाक़ थी तब उनकी आवाज़? विशेष पेशकश के साथ बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य. https://www.bbc.com/hindi/multimedia/2016/06/160620_hum_khawateen_da

Education: Voices of Muslim women from last century (BBC Hindi)

सौजन्य : बीबीसी  पाठ - श्वेता त्रिपाठी  दिल्ली, 2016  रसचक्र की प्रस्तुति 'हम खवातीन' का अंश   

हर क़तरा तूफ़ान, दिल्ली, मिरांडा हाउस, 2019

 

हर क़तरा तूफ़ान केए प्रस्तुति, दिल्ली, Words in the garden, 23.02.2019

 

हर क़तरा तूफ़ान की प्रस्तुति, दिल्ली, NPSC, 9.8.2018

NPSC द्वारा आयोजित कार्यक्रम में   

JINSE LATEEF KI SARGARMIYAN, OBR Day, 9.2.2020, Delhi

JINSE LATEEF KI SARGARMIYAN OBR Day, 9.2.2020 Central park, CP, Delhi  

अफ़ग़ानी दुख्तरान, दिल्ली, 22.5.2022

सहयोग - रज़ा फाउंडेशन  स्थान - हैबिटैट सेंटर, दिल्ली   

हर क़तरा तूफ़ान, न्यूज़ लौंड्री, 27.10.2021

 

मोहब्बत ज़िंदाबाद

 7 जुलाई को रसचक्र की नवीनतम प्रस्तुति मोहब्बत ज़िंदाबाद में प्रेम की 51 कविताओं का पाठ किया गया. रसखान से लेकर भिखारी ठाकुर, मंगलेश डबराल और रोमानियाई कवयित्री निना कास्सिआन, पोलिश कवि रुज़ेविच तक की कविताओं में प्रेम के रंगारंग रूप को पेश किया गया. पाठात्मक प्रस्तुति में शामिल साथी हैं - मैत्रेयी कुहु, आकाश गौतम, रिज़वाना फ़ातिमा, श्वेता त्रिपाठी, श्वेतांक मिश्रा, पूर्णिमा गुप्ता, पूर्वा भारद्वाज, अलका रंजन, वंदना राग और अपूर्वानंद. संकलन और चयन था पूर्वा भारद्वाज और रिज़वाना फ़ातिमा का. सहयोगी थे  नील माधव और अपूर्वानंद.

हर क़तरा तूफ़ान प्रस्तुति, दिल्ली

हर क़तरा तूफ़ान, 11 फ़रवरी 2018, रज़ा फाउंडेशन के साथ रसचक्र की प्रस्तुति। IIC Annexe, Delhi